- दो बार असफल होने के बाद भी वह निराश नहीं हुईं। इनका वैकल्पिक विषय भूगोल था। पहले प्रयास में उनका केवल प्री निकला था। दूसरी बार इंटरव्यू में 11 नंबर कम मिले लेकिन इस बार उन्होंने सफलता के झंडे गाड़ दिए। वह कहती हैं कि मेंस के लिए लेखन की प्रैक्टिस बहुत जरूरी
सिविल सेवा परीक्षा 2019 का परिणाम संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने जारी कर दिया है। सफल परीक्षार्थियों के घरों में जश्न का माहौल शुरू हो गया है। इन्हीं में कानपुर के आवास विकास कल्याणपुर में रहने वाली गुंजन सिंह ने ऑल इंडिया 16वी रैंक हासिल करके नाम रोशन किया है। उनकी सफलता से परिवार में खुशी का माहौल है और बधाई देने वालों का तांता लग गया है। गुंजन भी अपनी सफलता से बेहद खुश हैं और श्रेय अपने घरवालों को दिया है।
देखना है हौसला मेरा और नापना है मेरी उड़ान को, जाओ और ऊंचा कर दो आसमान को...। यह पंक्तियां संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में 16वीं रैंक पाकर शहर का नाम रोशन करने वालीं गुंजन सिंह पर बिल्कुल सटीक बैठती हैं। तीसरे प्रयास में सफलता का परचम लहराने वालीं गुंजन कहती हैं जीवन में कई बार निराशा घेरती है, लेकिन यह आपके ऊपर है कि इस चक्रव्यूह से कैसे बाहर निकलें।
दो बार असफल होने के बाद भी वह निराश नहीं हुईं। इनका वैकल्पिक विषय भूगोल था। पहले प्रयास में उनका केवल प्री निकला था। दूसरी बार इंटरव्यू में 11 नंबर कम मिले लेकिन इस बार उन्होंने सफलता के झंडे गाड़ दिए। वह कहती हैं कि मेंस के लिए लेखन की प्रैक्टिस बहुत जरूरी है।
इंटरव्यू में ज्ञान का नहीं, पर्सनालिटी का टेस्ट होता है। उलझाने वालेे सवाल पूछकर आपकी दक्षता को जानने की कोशिश होती है। कल्याणपुर, आवास विकास निवासी गुंजन के पिता बाबू राम वर्मा जल निगम में सहायक अभियंता और मां मनोरमा कटियार जीजीआईसी सिंहपुर में लेक्चरार हैं।
वह कहती हैं कि जब भी मुश्किलों ने घेरा, अभिभावकों ने मुझे प्रोत्साहित किया। गुंजन ने डॉ. वीरेंद्र स्वरूप एजूकेशन अवधपुरी से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की पढ़ाई की है। उन्होंने हाईस्कूल में 96.8 फीसदी और इंटरमीडिएट में 95 फीसदी अंक हासिल किए।
बीएसएनएल में एसडीओ मामा उपेंद्र कटियार व एसबीआइ में एजीएम के पद पर कार्यरत मामी प्रीति कटियार ने उनका मार्गदर्शन किया। जल निगम में सहायक अभियंता के पद पर कार्यरत पिता बाबूराम वर्मा व मां राजकीय महिला इंटर काॅलेज मेेें प्रवक्ता मां मनोरमा कटियार का सहयोग मिला और उन्होंने अपना सपना पूरा किया। गुंजन ने बताया कि वह जरूरतमंदों के लिए काम करेंगी और गांव की खुशहाली के लिए परियोजनाएं बनाकर उन्हें अमली जामा पहनाना उनकी प्राथमिकता रहेगी।
2015 में आईआईटी रूड़की से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग से बीटेक किया और फिर सिटी बैंक में सॉफ्टवेयर डवलेपर के रूप में काम किया। माता-पिता की इकलौती संतान गुंजन की इच्छा यूपी कैडर मिलने की है।

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