कानपुर। राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं असंगठित कर्मचारी मजदूर यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष विजय सिंह ने नाला सफाई के कार्य में लगे कर्मचारियों को फूल माला पहनाकर सम्मानित किया इस दौरान श्री मतरोलिया ने कहा कि कोरोना वायरस की प्रथम पंक्ति में खड़े सफाई कर्मचारियों की जितने भी प्रशंसा की जाए उतनी कम है, इस कठिन घड़ी में भी यह श्रमिक शहर को स्वच्छ बनाए रखने में अपना योगदान दे रहे हैं,बरसात से पहले नाला सफाई के कार्य में लगे मजदूरों को उन्होंने खाद सामग्री दी और जनता से अपील की इनका सम्मान करें कर्मवीर योद्धाओं को माल्यार्पण कर सम्मानित किया गया।
जिसमें लाक डाउन के नियमों का पालन भी किया गया। एक एक मीटर की दूरी पर खड़ा कर सभी कर्मवीर योद्धाओं को सम्मानित किया गया। मानवता की मिसाल कायम कर रहे सफाई कर्मचारि रात दिन काम कर रहे हैं, हकीकत में हमको ऐसे लोगों से सीख लेनी चाहिए, अपनी जान की परवाह न कर अपना काम कर रहे है
आगे बताया कि हमारा देश कोराना वायरस की जंग लड़ रहा है, हमारा कानपुर नगर में भी बढ़ते मरीजों की संख्या से जिला प्रशासन के हाथ पांव फूल रहे हैं, वही हमारी संस्था इंद्रा गांधी जन कल्याण कैंटीन के माध्यम लाकडॉन के दौरान गरीब असहाय व जर्रूतमंदो लोंगो को राशन व लंच पैकेट बॉट रहे है। 8-शिक्षको को आर्थिक पैकेज देने की मांग महामहिम राष्ट्रपति के चौखट तक पहुंचाई:कुलदीप यादव
कानपुर।आदर्श माध्यमिक शिक्षक संघ उत्तर प्रदेश के प्रदेश महामंत्री कुलदीप यादव ने बताया किस प्रदेश ही नहीं पूरे देश में कोरोना वायरस (कोविड-19) से फैली महामारी के कारण प्रदेश के सभी विद्यालय बंद है स्ववित्त पोषित योजना के अंतर्गत संचालित माध्यमिक विद्यालयों,निजी महाविद्यालयों तथा तकनीकी शिक्षा संस्थानों में पढ़ाने वाले वित्तविहीन शिक्षक को वेतन नहीं मिल पा रहा है जिससे उनके परिवार भयावह आर्थिक तंगी से गुजर रहे हैं संगठन के द्वारा लगातार मा मुख्यमंत्री , शिक्षा मंत्री से वित्तविहीन शिक्षकों के लिए न्यूनतम वेतन या आर्थिक राहत पैकेज की मांग की गई लेकिन उस पर सरकार द्वारा कोई गंभीरता पूर्वक न तो विचार किया गया और ना ही निर्णय लिया गया श्री यादव ने कहा के वित्तविहीन विद्यालयों में पढ़ा रहे वित्तविहीन शिक्षकों की दशा अत्यंत दयनीय है पिछले 3 महीने से उनको कोई भी ना तो विद्यालय स्तर से और ना ही शासन स्तर से आर्थिक राहत की मदद मिल रही है विद्यालय प्रबंधन फीस न आने का रोना रोकर अपने आप को बचा लेते हैं और सरकार इस गम्भीर मुद्दे को नजरअंदाज कर रही हैं, संगठन ने तय किया इस गंभीर मुद्दे को आजाद हिन्दुस्तान के महामहिम राष्ट्रपति महोदय, देश के प्रधानमंत्री जी तथा उत्तर प्रदेश के राजपाल महोदय से अपनी गुहार लगाएं और शिक्षकों की स्थित से अवगत करायें संगठन यह अपेक्षा करता है इस गंभीर मुद्दे पर आजाद हिंदुस्तान के महामहिम राष्ट्रपति महोदय और देश के प्रधानमंत्री गंभीरता से विचार करेंगे महोदय रोज किसी न किसी अध्यापक से फोन पर वार्ता होती है ,अपनी समस्याओं से और पारिवारिक स्थिति से अवगत करा कर अपनी पीड़ा को व्यक्त करते हैं आपसे निवेदन है कि इस पर गंभीरता पूर्वक विचार करें।शिक्षक समाज का निर्माता होता है यदि शिक्षक का परिवार ही भूखा रहेगा तो अच्छे समाज की संकल्पना कैसे होगी यह यक्ष प्रश्न है संगठन आगाह कराना चाहता है यदि इस गंभीर मुद्दे पर कोई सकारात्मक निर्णय न लिया गया तो संगठन बडे आंदोलन के लिए बाध्य होगा।

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