कानपुर। देश भर में कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में डॉक्टर एवं पैरामेडिकल स्टाफ बेखौफ होकर मोर्चा ले रहे हैं। वे हर तरह से मरीजों का उपचार करने का प्रयास कर रहे हैं। शनिवार को हैलट के कोविड-19 आइसीयू के अंदर का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें जूनियर डॉक्टर डांस करते नजर आ रहे हैं। यह बिल्कुल वैसा ही है जैसा कि फिल्म मुन्नाभाई एमबीबीएस में मरीजों को दवाइयों से ज्यादा उनकी उदासी दूर करते हुए हंसा करके जल्दी ठीक करने का संदेश दिया गया था।
फिल्मी गानों पर किया डांस
जीएसवीएम मेडिलक कॉलेज के एनस्थेसिया विभाग के जूनियर रेजीडेंट (जेआर) ने वीडियाे बनाया है, जिसमें वह मरीजों के बीच लगान फिल्म के के गाने बार-बार हां, बोलो यार हां..., अपनी जीत हो, उनकी हार हां..., कोई हमसे जीत न पावे, चले चलो चले चलो..., मिट जावे जो टकरावे, चले चलो..., भले घारे अंधेरा छावे, चले चलो... आदि गानों पर डांस करके मरीजों में हौसला भरने का प्रयास किया गया है। इससे यह भी संदेश दिया है कि चाहे लाख मुसीबतें आएं हम न कभी डरेंगे और न ही कभी थकेंगे। हम सभी चिकित्सा सेवा की रीढ़ हैं, कोरोनावायरस का डटकर मुकाबला करेंगे।
साथी का डगमगाते आत्मविश्वास को फिर किया जिंदा
जीएसवीएम मेडिलक कॉलेज के हैलट इमरजेंसी के एक जूनियर रेजीडेंट (जेआर) के कोरोना की चपेट में आने के बाद से यहां के जेआर का आत्मविश्वास डगमगाने लगा था। ऐसे में साथी जूनियर डॉक्टर ने कोरोना को हराने अौर उनमें हौसला भरने का जिम्मा संभाला है। मेडिलक कॉलेज के एनस्थेसिया के सर्जिकल आइसीयू में चार जूनियर डॉक्टरों ने आईसीयू में मरीजों के बीच डांस किया। जेआर डॉ. रंजीत कोरोना वायरस बने हैं और डांस करते हुए मरीजों के पास आ रहे हैं और उन्हें जेआर डॉ. शुभ्रा सिंह एवं डॉ. हिना यादव डांस करते हुए भगा रही हैं। जब वह भाग जाते हैं तो डांस के माध्यम से जीत का संदेश दे रहे हैं। इस समय टूट गई जो अंगुली उठ्ठी.. पांचों मिलीं तो बन गई मुठ्ठी... एका बढ़ता ही जावे... गाने के साथ हौसला भरा। वीडियाे की शुरुआत में जेआर डॉ. अरुण सागर हाथ धोने का तरीका बताते हैं।
इनकी भी सुनिए
कोरोना से जंग में हमारे जेआर सबसे आगे हैं, लगातार ड्यूटी करने से थक भी रहे हैं, ऐसे में उनका उत्साहवर्धन जरूरी है। हमारे विभाग के छात्रों ने अपने साथियों को प्रेरित करने के लिए अच्छी पहल की है। मरीजों के बीच ड्यूटी करते हुए उनका यह कार्य काबिले तारीफ है। -प्रो. अपूर्व अग्रवाल, विभागाध्यक्ष, एनस्थेसिया, जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज। बहुत खुशी की बात है कि ऐसी विषम परिस्थितियों में हमारे जूनियर छात्र एक-दूसरे में जोश भर रहे हैं। यह अच्छी शिक्षा और संस्कारों का परिणाम है, जो उन्हें कॉलेज से मिल रही है। -प्रो. आरती लालचंदानी, प्राचार्य, जीएसवीएम मेडिलक कॉलेज।

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