कानपुर। कोरोना वायरस को मारने वाला मास्क तैयार हो रहा है। आईआईटी कानपुर के वैज्ञानिक और पूर्व छात्र मिलकर एक ऐसा एन-95 मास्क तैयार कर रहे हैं, जिसमें प्रवेश करते ही कोरोना वायरस मर जाएगा। इस मास्क को तैयार करने के लिए डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (डीएसटी) ने फंड दिया है। वैज्ञानिकों का दावा है कि अगले दो माह में यह मास्क बाजार में उपलब्ध होगा। इसकी कीमत बहुत अधिक नहीं होगी। मास्क को सिट्रा (साउथ इंडिया टेक्सटाइल रिसर्च एसोसिएशन, कोयंबटूर) की अप्रूवल मिलने के बाद बाजार में उतारा जाएगा।
कोविड-19 के इलाज, उससे सुरक्षित रखने को लेकर आईआईटी के वैज्ञानिक निरंतर नए-नए शोध कर रहे हैं। संस्थान के ही पूर्व छात्र डॉ. संदीप पाटिल ने एन-95 मास्क बनाया था, जिसका वर्तमान में अधिकांश डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ प्रयोग कर रहे हैं। यह मास्क कोविड-19 से बचाव कर रहा है। अब आईआईटी कानपुर के केमिकल इंजीनियरिंग विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक प्रो. शिवाकुमार ने डॉ. संदीप के साथ मिलकर नया शोध शुरू किया था, जो अब पूरा हो गया है। इसमें संस्थान के कुछ केमिस्ट्री विभाग के प्रोफेसर भी शामिल हैं। डॉ. संदीप पाटिल ने बताया कि अब जो मास्क बनाया जा रहा है, यह पूरी तरह एंटी वायरल और एंटी बैक्टीरियल होगा। इसके लिए मास्क में नैनोफाइबर संग मेटल के नैनो पार्टिकल और एक विशेष कोटिंग का प्रयोग किया जा रहा है। इसके संपर्क में आते ही कोविड-19 जैसे सभी वायरस की मौत हो जाएगी। मास्क में चार लेयर लगी है। पहली लेयर कुअर्स फिल्टर, दूसरी लेयर माइक्रो फिल्टर, तीसरी लेयर नैनो फिल्टर और चौथी लेयर सुपर साफ्ट होगी। यह मास्क भी रीयूजेबल होगा। इस मास्क को लेकर डीएसटी ने खुद ट्वीट कर बधाई दी है। इसको लेकर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने भी भविष्य की समस्याओं को लेकर इसे बड़ा उपयोगी बताया है।
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ई-स्पिन का एन-95 मास्क यूएसए से है प्रमाणित
डॉ. संदीप पाटिल ने बताया कि अभी तक जो एन-95 मास्क कोविड-19 जैसे सभी वायरस से सुरक्षित रख रहा है, वह नेलसन लैब, यूएसए से प्रमाणित है। यह मास्क भी रीयूजेबल है।

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