● विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने बयान जारी कर कहा है कि भारत ने उन देशों को मलेरिया वाली हाइड्रोऑक्सी क्लोरोक्वीन दवा देने का मन बनाया है जहां कोरोना की महामारी ज्यादा फैली हुई है.
● मलेरिया को खत्म करने वाली दवाई हाइड्रो-ऑक्सी-क्लोरोक्विन की मांग को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के बयान के बाद भारतीय विदेश मंत्रालय ने अपना पक्ष रखा है.
● विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, ''हाइड्रोऑक्सी क्लोरोक्वीन और पैरासीटामॉल के निर्यात संबंधी प्रतिबंध में कुछ संशोधन संभव है. हालांकि यह बदलाव इन दवाओं के भारत में मौजूदा स्टॉक और घरेलू जरूरतों के आंकलन के आधार पर निर्भर करता है. इसमें कोरोना संबंधी मानवीय आधार और प्राथमिकताएं आंकते हुए फैसला लेंगे.''
● विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, ''जिम्मेदार सरकार की तरह हमारा पहला दायित्व यह सुनिश्चित करना है कि हमे पहले अपने देश के लोगों के लिए दवाओं का पर्याप्त स्टॉक रखें. यह सुनिश्चित करने के लिए, कई दवा उत्पादों के निर्यात को प्रतिबंधित करने के लिए कुछ अस्थायी कदम उठाए गए थे.''
🧐 *क्या कहा था ट्रंप ने?*
बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था, ''रविवार सुबह इंडिया में मेरी बात हुई थी. मैंने अमेरिका में मलेरिया की दवा आपूर्ति को अनुमति देने की सराहना की. साथ ही कहा कि अगर इसकी अनुमति भारत नहीं देता है तो यह ठीक नहीं होगा.''

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