- कानपुर ब्रेकिंग: कार्डियोलॉजी के बाहर चला बुलडोजर! नकली दवाओं की दुकानों का अंत।
[विशेष रिपोर्ट: न्यूज़ डेस्क, नाइन वन टाइम्स]
कानपुर। शहर के प्रतिष्ठित लक्ष्मीपत सिंहानिया हृदय रोग संस्थान (कार्डियोलॉजी) के बाहर रविवार को प्रशासन का भारी 'डंडा' चला। स्वरूप नगर थाना क्षेत्र स्थित जीटी रोड पर वर्षों से सरकारी जमीन पर कुंडली मारकर बैठे अवैध मेडिकल स्टोरों और दुकानों को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में ढहा दिया गया। इस कार्रवाई से न केवल अतिक्रमण मुक्त हुआ, बल्कि मरीजों की जान से खिलवाड़ करने वाले नकली दवाओं के संदिग्ध जाल को भी तोड़ दिया गया है।
सालों पुराना सिंडिकेट हुआ मलबे में तब्दील
सूत्रों और स्थानीय शिकायतों के अनुसार, कार्डियोलॉजी के मुख्य द्वार के पास बनी इन दुकानों पर लंबे समय से नकली और मिलावटी दवाओं की बिक्री की खबरें आ रही थीं। यह सिंडिकेट न केवल यातायात बाधित कर रहा था, बल्कि हृदय जैसे गंभीर रोगों के मरीजों को संदिग्ध दवाएं बेचकर उनकी जिंदगी से समझौता कर रहा था। प्रशासन ने शिकायतों का सत्यापन करने के बाद रविवार को स्वरूप नगर समेत कई थानों की फोर्स और पीएसी के साथ मौके पर पहुंचकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की।
संस्थान निदेशक की सक्रियता लाई रंग
इस पूरे अभियान के पीछे कार्डियोलॉजी संस्थान के निदेशक की भूमिका सबसे अहम मानी जा रही है। मरीजों के हित और संस्थान की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए निदेशक ने शासन और जिला प्रशासन के साथ निरंतर लिखित और मौखिक पैरवी की। उनके द्वारा प्रस्तुत किए गए ठोस तथ्यों और कड़े रुख के बाद ही प्रशासन ने इन अवैध कब्जों को जड़ से उखाड़ने का ऐतिहासिक निर्णय लिया।
मरीजों और तीमारदारों ने ली राहत की सांस
कार्रवाई के दौरान जीटी रोड पर हड़कंप की स्थिति रही, लेकिन आम जनता और मरीजों के परिजनों ने इस कदम का पुरजोर स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि इन दुकानों के कारण एंबुलेंस को निकलने में दिक्कत होती थी और भारी ट्रैफिक जाम लगा रहता था। अब सड़क चौड़ी होने और संदिग्ध दुकानों के हटने से मरीजों को सीधा लाभ मिलेगा और इलाके की स्वास्थ्य व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी।


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