कानपुर कचहरी में सनसनी: अधिवक्ता के चेंबर के बाहर मुंशी का शव फंदे से लटका मिला, फॉरेंसिक टीम जांच में जुटी
कानपुर कचहरी परिसर में अधिवक्ता मयंक गोयल के मुंशी आदित्य विक्रम शर्मा का शव संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका मिला। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। परिजन मानसिक तनाव की बात कह रहे हैं।
कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहाँ के व्यस्ततम कचहरी परिसर में रविवार देर रात एक अधिवक्ता के चेंबर के बाहर उनके मुंशी का शव फंदे से लटका हुआ पाया गया। घटना के बाद कचहरी में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौके पर जमा हो गए।
चाय वाले ने दी पुलिस को सूचना
जानकारी के मुताबिक, हरबंश मोहाल (दानाखोरी) निवासी आदित्य विक्रम शर्मा (40) पिछले 15 वर्षों से अधिवक्ता मयंक गोयल के यहाँ मुंशी का काम करते थे। रविवार रात करीब 11:15 बजे कचहरी परिसर में चाय की दुकान चलाने वाले एक दुकानदार ने आदित्य का शव फंदे से लटका देखा। दुकानदार की सूचना पर कोतवाली पुलिस और फॉरेंसिक टीम तुरंत मौके पर पहुँची और जांच शुरू की।
दो दिन से परेशान थे आदित्य
मृतक के भाइयों, राम विक्रम और अभिजीत ने बताया कि आदित्य रविवार शाम 6 बजे घर से यह कहकर निकले थे कि थोड़ी देर में लौट आएंगे। जब वे देर रात तक नहीं लौटे, तो परिवार उनकी तलाश कर रहा था। परिजनों के अनुसार, आदित्य पिछले दो-तीन दिनों से किसी अज्ञात बात को लेकर मानसिक तनाव में थे, लेकिन उन्होंने घर पर इस बारे में कोई चर्चा नहीं की थी।
पुलिस और फॉरेंसिक टीम की कार्रवाई
कोतवाली इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद पांडेय ने बताया कि फॉरेंसिक टीम ने घटना स्थल से साक्ष्य जुटा लिए हैं और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में यह आत्महत्या का मामला लग रहा है, लेकिन खुदकुशी की सटीक वजह अभी तक सामने नहीं आई है। पुलिस मृतक के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड्स और अन्य पहलुओं की भी बारीकी से जांच कर रही है।
कचहरी परिसर में शोक का माहौल
15 साल से कचहरी में काम कर रहे आदित्य के इस तरह चले जाने से अधिवक्ताओं और सहयोगियों में गहरा शोक है। अधिवक्ता संघ के कई पदाधिकारियों ने भी मौके पर पहुँचकर परिवार को सांत्वना दी।


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