शहर काजी की अपील का दिखा असर, नमाजियों ने ईदगाह और मस्जिदों के भीतर ही पढ़ी नमाज; देश में अमन-चैन की मांगी दुआ।
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शहर काजी हाफिज जामई की अपील ने बदला रिवाज: नवीन नगर सैयद बाबा और रानीगंज मस्जिद समेत हर जगह दिखा संयम, देश की खुशहाली के लिए उठे हाथ।
[रिपोर्ट: न्यूज़ डेस्क, नाइन वन टाइम्स]
कानपुर। औद्योगिक नगरी कानपुर में शनिवार को ईद-उल-फितर का त्योहार अकीदत और जबरदस्त अनुशासन के साथ मनाया गया। रमजान के 30 रोजे पूरे होने के बाद सुबह से ही शहर की ईदगाहों और मस्जिदों में नमाजियों की भारी भीड़ उमड़ी। इस बार शहर काजी हाफिज मामूर अहमद जामई की अपील का व्यापक असर देखने को मिला और नमाजियों ने सड़कों पर नमाज न पढ़कर प्रशासन का सहयोग किया।
बड़ी ईदगाह बेनाझाबर में नमाजियों की भारी भीड़ को देखते हुए दो पालियों में नमाज अदा की गई। पहली जमात सुबह 8:00 बजे और दूसरी जमात सुबह 9:30 बजे हुई। नमाज के बाद मुल्क में अमन, चैन और भाईचारे के लिए विशेष दुआएं मांगी गईं। लोगों ने एक-दूसरे को गले लगकर ईद की मुबारकबाद दी। शहर-ए-अमन कानपुर ने आज ईद-उल-फितर के मौके पर पूरे देश को अनुशासन की एक नई मिसाल पेश की। प्रशासन और शहर काजी हाफिज मामूर अहमद जामई की 'सड़क पर नमाज न पढ़ने' की अपील का असर जमीन पर साफ दिखाई दिया। अकीदतमंदों ने सब्र का परिचय देते हुए सड़कों के बजाय ईदगाह और मस्जिदों के कैंपस के भीतर ही इबादत की।
दो पालियों में हुई नमाज:
बड़ी ईदगाह बेनाझाबर में नमाजियों का सैलाब उमड़ा, जिसे देखते हुए कमेटी ने दो बार नमाज का आयोजन किया। पहली जमात सुबह 8:00 बजे और दूसरी 9:30 बजे संपन्न हुई। नमाज के बाद शहर काजी ने मुल्क की तरक्की और भाईचारे की दुआ कराई।
प्रमुख मस्जिदों में भी रही रौनक:
बड़ी ईदगाह के अलावा ईदगाह चांदमारी कैंट, ओमपुरवा, बगाही, मसवानपुर, नवीन नगर स्थित सैयद बाबा वाली मस्जिद और रानीगंज मस्जिद सहित शहर की अन्य प्रमुख मस्जिदों में भी ईद की नमाज शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। इन सभी स्थानों पर साफ-सफाई और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
बदली हुई तस्वीर:
प्रशासन की सक्रियता और उलेमाओं के सहयोग से इस बार सड़कों पर जाम की स्थिति नहीं बनी। नमाजियों ने मस्जिद भर जाने पर दूसरी जमात का इंतजार किया, जो कानपुर के गंगा-जमुनी तहजीब की खूबसूरती को बयां कर रहा था। नमाज के बाद अकीदतमंदों ने एक-दूसरे को गले लगकर 'ईद मुबारक' कहा और खुशियां साझा कीं।
प्रशासन की मुस्तैदी:
शुक्रवार शाम से ही पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड पर था। ईदगाह कमेटियों के पदाधिकारियों ने तैयारियों का जायजा लिया और सफों के लिए चूने से निशान बनाए गए थे। पुलिस बल की तैनाती के चलते कहीं भी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली और त्योहार भाईचारे के साथ संपन्न हुआ।



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