लखनऊ/अयोध्या: इस साल की चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri 2026) बेहद खास और ज्योतिषीय दृष्टि से दुर्लभ होने वाली है। करीब 89 वर्षों के बाद ऐसा महासंयोग बन रहा है कि हिंदू नववर्ष (विक्रम संवत) शुरू होने से पहले ही नवरात्रि का आगाज़ हो रहा है। ज्योतिषविदों के अनुसार, इस बार मां दुर्गा का आगमन 'पालकी' पर हो रहा है। शास्त्रों में पालकी पर मां के आने को सुख, शांति और समृद्धि का प्रतीक माना गया है, जो देश के लिए शुभ संकेत है।
अयोध्या के प्रसिद्ध पंडितों का कहना है कि इस बार घटस्थापना का मुहूर्त अत्यंत फलदायी है। 27 मार्च से शुरू होने वाली इस नवरात्रि में भक्तों को मां की विशेष कृपा प्राप्त होगी। लखनऊ और कानपुर के प्रमुख देवी मंदिरों, जैसे 'चंद्रिका देवी' और 'तपेश्वरी देवी' मंदिर में अभी से तैयारियां और रंग-रोगन शुरू हो गया है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए विशेष सुरक्षा प्लान तैयार किया है।


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