महायुद्ध का आगाज! इजराइल-अमेरिका ने ईरान पर बरसाए 1200 बम; सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत से हड़कंप, ईरान ने दी 'खतरनाक बदले' की धमकी - NINE ONE TIMES

निर्भीक आवाज़, निष्पक्ष खबर

Breaking

01/03/2026

महायुद्ध का आगाज! इजराइल-अमेरिका ने ईरान पर बरसाए 1200 बम; सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत से हड़कंप, ईरान ने दी 'खतरनाक बदले' की धमकी

NINE ONE TIMES






  • ​इजराइल और अमेरिका ने संयुक्त सैन्य अभियान के तहत ईरान पर भीषण हमला करते हुए 24 घंटे में 1200 से अधिक बम और मिसाइलें गिराई हैं।
  • ​इस हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और उनके परिवार के कई सदस्यों समेत 40 कमांडरों के मारे जाने की पुष्टि हुई है।
  • ​ईरान की राजधानी तेहरान समेत 10 प्रमुख शहरों में तबाही का मंजर है, जिसमें अब तक 200 से अधिक लोगों की मौत और सैकड़ों के घायल होने की खबर है।
  • ​खामेनेई की मौत के बाद ईरान में 40 दिन का शोक घोषित किया गया है और ईरानी सेना ने अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी हमले शुरू कर दिए हैं।

मुख्य खबर (विस्तार से):

तेहरान/तेल अवीव। पश्चिम एशिया में युद्ध ने अब सबसे भीषण रूप ले लिया है। इजराइली वायु सेना और अमेरिका ने मिलकर ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला किया है। शनिवार को खामेनेई के ऑफिस कॉम्प्लेक्स पर हुई 30 मिसाइलों की बौछार में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई। हमले के वक्त वे अपने खास कमांडरों के साथ बैठक कर रहे थे।



पूरा परिवार और टॉप कमांडर्स खत्म:

रिपोर्ट्स के अनुसार, इस हमले में न केवल खामेनेई बल्कि उनकी बेटी, दामाद, बहू और पोती की भी जान चली गई है। इजराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने इस कामयाबी की पुष्टि की है। ईरान की सरकारी न्यूज़ एजेंसियों ने भी अपने 'रहबर' के निधन पर दुख व्यक्त किया है।

ईरान का पलटवार और भारी तबाही:

ईरान ने भी चुप न रहने का फैसला किया है। जवाबी कार्रवाई में ईरान ने इजराइल समेत खाड़ी के 9 देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर करीब 400 मिसाइलें दागी हैं। दुबई के बुर्ज खलीफा और पाम जुमेराह के पास भी ड्रोन हमले की खबरें हैं। हमलों में एक ईरानी स्कूल की 148 छात्राओं की मौत ने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है।

कौन थे अयातुल्ला अली खामेनेई?



1939 में जन्मे खामेनेई 1989 से ईरान के सर्वोच्च नेता थे। 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद वे देश के सबसे शक्तिशाली व्यक्ति बने। उनके कट्टर फैसलों और इजराइल-विरोधी रुख के कारण वे हमेशा वैश्विक राजनीति के केंद्र में रहे।



No comments:

Post a Comment

Featured Post

संसद में मचेगा घमासान: 30 दिन जेल में रहे तो जाएगी PM-CM की कुर्सी; मानसून सत्र में आ सकता है ऐतिहासिक बिल

NINE ONE TIMES 130वें संविधान संशोधन विधेयक पर 17 जुलाई को JPC दे सकती है मंजूरी; 5 साल से ज्यादा सजा वाले गंभीर अपराधों में गिरफ्तारी पर खु...

खबर को दोस्तों के साथ शेयर करें:

Post Bottom Ad

Responsive Ads Here

Pages