कानपुर: गंगा किनारे मिला सुसाइड नोट और कपड़े, पर 'ऋषभ' कहाँ गया? सुसाइड या सोची-समझी साजिश? दो शादियों के फेर में उलझा लापता युवक का रहस्य!
नदी किनारे मिले कपड़े, घर में मिला सुसाइड नोट, पर 7 दिन बाद भी लाश का पता नहीं; क्या ऋषभ ने गंगा में लगाई छलांग या गायब होने के पीछे है कोई 'खतरनाक' लव-ट्रायंगल?
कानपुर (महाराजपुर): औद्योगिक नगरी कानपुर के महाराजपुर इलाके में एक ऐसी रहस्यमय घटना घटी है, जिसने पुलिस और ग्रामीणों की रातों की नींद उड़ा दी है। उमरना गाँव का 21 वर्षीय युवक ऋषभ यादव पिछले एक सप्ताह से लापता है। ऋषभ सोमवार तड़के बिना बताए घर से निकला था, लेकिन पीछे जो छोड़ गया उसने सनसनी फैला दी। घर से ऋषभ का एक सुसाइड नोट बरामद हुआ, जिसके बाद हड़कंप मच गया।
गंगा किनारे मिले कपड़े, पर युवक लापता:
घबराए परिजन जब ऋषभ को ढूंढते हुए गंगा किनारे पहुँचे, तो वहां की तस्वीर देखकर उनके पैरों तले ज़मीन खिसक गई। नदी के घाट पर ऋषभ के कपड़े पड़े हुए थे। प्रथम दृष्टया यह आत्महत्या का मामला लगा, जिसके बाद पुलिस ने गोताखोरों की मदद से तीन दिनों तक गंगा की लहरों को खंगाला। कई किलोमीटर तक सर्च ऑपरेशन चला, लेकिन एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी ऋषभ की न तो लाश मिली और न ही कोई सुराग।
दो शादियों का 'खतरनाक' एंगल:
गाँव की गलियों में दबी जुबान से एक ऐसी चर्चा हो रही है, जिसने इस मामले को पूरी तरह घुमा दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि ऋषभ पहले से ही शादीशुदा था, लेकिन घर वाले उस पर दूसरी शादी के लिए दबाव बना रहे थे। क्या ऋषभ इस दबाव को झेल नहीं पाया? या फिर यह सब पुलिस को गुमराह करने के लिए खुद ऋषभ की कोई सोची-समझी चाल है? नदी किनारे कपड़ों का मिलना और शव का न मिलना, किसी बड़ी साजिश की ओर भी इशारा कर रहा है।
पुलिस की जांच और गहराता सस्पेंस:
महाराजपुर इंस्पेक्टर राजेश कुमार ने बताया कि गुमशुदगी दर्ज कर ली गई है और पुलिस की कई टीमें गठित की गई हैं। पुलिस अब ऋषभ के कॉल रिकॉर्ड्स (CDR) और उसके करीबियों से पूछताछ कर रही है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर ऋषभ ने नदी में छलांग लगाई, तो लाश कहाँ गई? और अगर वह जिंदा है, तो उसे किसने छिपाया है? फिलहाल परिजन इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं, जिससे शक की सुई घर के भीतर भी घूम रही है।


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