कानपुर।बुजुर्गों ने यादाश्त को बढा़ने के लिये सालों पहले बताया कि दो बादाम घिस कर गुनगुने दूध के साथ खाये उसे अब वैज्ञानिकों के अनुसंधान से पता चला है कि नाश्ते में बादाम लेने से हृदय रोग के समायोजित जोखिम को तकरीबन 30 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है।
कई दशकों तक, शोधकर्ताओं ने जांच की है कि बादाम का सेवन किस तरह हृदय को सेहतमंद बनाता है और अब, बादाम के फायदों से जुड़ी एक अनूठी खोज सामने आई है। एक नये प्रकाशित अध्ययन के मुताबिक नाश्ते में बादाम खाने से एंडोथेलियल गतिविधि में सुधार होता है, जो कि वैस्कुलर हेल्थ (नाड़ी संबंधी स्वास्थ्य) का एक महत्वपूर्ण संकेतक है। इसके अलावा, सामान्य नाश्ते के बजाय बादाम का सेवन करने से बैड एलडीएल-कोलेस्ट्रॉल कम होता है। पिछले शोध में भी यह बात सामने आई थी। इस अध्ययन की फंडिंग ऑमंड बोर्डऑफ कैलिफोर्निया द्वारा की गई थी। यह अध्ययन छह हफ्ते के रैंडमली कंट्रोल और समानांतर ढंग से किया गया परीक्षण था। इसमें प्रतिभागियों के एक समूह ने बादाम और दूसरे समूह ने उतनी ही कैलोरी का नियंत्रित नाश्ता किया, जो कि प्रत्येक प्रतिभागी की रोज की अनुमानित ऊर्जा जरूरतों का 20 फीसदी था। रिसर्च टीम ने तब दोनों समूहों के बीच कार्डियोमेटाबोलिक स्वास्थ्य संकेतकों की तुलना की। उन्होंने पाया कि नियंत्रित समूह की तुलना में बादाम खाने वाले समूह में एंडोथेलियम पर निर्भर वैसोडिलेशन में 4 फीसदी यूनिट वृद्धि (प्रवाह मध्यस्थता फैलाव या एफएमडी के माध्यम से मापी गई) हुई थी, जो कि एथेरोस्क्लेरोसिस (एक ऐसी बीमारी जिसमें व्यक्ति की धमनियों के भीतर प्लाक बनने लगता है) की शुरुआत और प्रगति का एक स्पष्ट संकेत है। बेहतर एफएमडी का मतलब है कि रक्त के प्रवाह में वृद्धि की प्रतिक्रिया में धमनियां ज्यादा आसानी से फैल सकती हैं। यह हृदय के स्वास्थ्य का एक मजबूत संकेतक है।

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