नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) लागू होने के बाद पाकिस्तान से आए हिन्दुओं से ज्यादा मुस्लिमों को भारत की नागरिकता का लाभ मिलेगा। मथुरा में रह रहे विदेशी नागरिकों की जो रिपोर्ट शासन को भेजे गई है, उसमें 4 शरणार्थी हिंदू और 6 शरणार्थी मुस्लिम हैं। इन सभी को औपचारिकताओं को पूरा करने के पश्चात भारतीय नागरिकता प्रदान की जाएगी। केंद्र सरकार की ओर से सीएए लागू होते ही उप्र सरकार ने प्रदेश के 32 जिलों में रह रहे शरणार्थियों की रिपोर्ट मांगी है। इन 32 जनपदों में मथुरा भी शामिल है। मथुरा में 10 शरणार्थी चिन्हित हुए हैं। इनमें से चार हिन्दू पाकिस्तान से वीजा लेकर यहां आए थे। जब जब उनके वीजा की अवधि समाप्त होने को हुई, तब तब उन्होंने सरकार से वीजा की अवधि बढ़वा ली। ये चारों हिन्दू वर्तमान में वृंदावन में रह रहे हैं। जबकि छह मुस्लिम महिलाएं हैं, जो मूल रूप से तो पाकिस्तान की रहने वाली हैं, जबकि उनका निकाह भारत में हुआ है। वे पाकिस्तान नहीं जाना चाहतीं। इन सभी के बारे में प्रदेश सरकार को रिपोर्ट भेजी गई है। शासन के निर्देश के बाद इनको भारतीय नागरिकता दिलाने की कार्रवाई की जाएगी।
ब्रज में वीजा खत्म होने के बाद भी कई विदेशी मौजूद
मथुरा जनपद में बड़ी संख्या में विदेशी श्वेत नागरिक टूरिस्ट वीजा पर आते हैं और कृष्णभक्ति करते हैं। इनमें से कई ऐसे भी होते हैं जो वीजा की अवधि समाप्त हो जाने के बाद भी ब्रज नहीं छोड़ते। मथुरा, वृंदावन, गोवर्धन, राधाकुंड और बरसाना में आधा दर्जन से अधिक विदेशी नागरिक ऐसे चिन्हित हुए है जो पाकिस्तान के अलावा अन्य देशों के नागरिक हैं। वे ब्रज में भजनानंदी बनकर रह जाते हैं और अपने देश वापस नहीं लौटते।

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