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02/02/2021

मोदी सरकार ने देश का आम बजट किया पेश बजट में सभी वर्गों का ध्यान.

 नई दिल्ली : मोदी सरकार ने आज  देश का आम बजट पेश किया. इस आम बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कोरोना टीका से लेकर सैनिक स्कूलों के खोले जाने का एलान किया है. आम बजट पेश करने के बाद वित्त मंत्री निर्मला ने सीतारमण प्रेस वार्ता को संबोधित किया.



वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की प्रेस वार्ता

  • बिंदुवार पढ़ें निर्मला सीतारमण की प्रेस वार्ता
  • बजट में बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर दिया गया  
  • बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिया गया.
  • बजट में सभी आवश्यक जरूरतों का ध्यान दिया गया.
  • बजट से अर्थव्यस्था मजबूत होगी.
  • बजट में कृषि क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिया गया.
  • बजट में किसानों की जरूरतों पर ध्यान दिया गया.
  • बैंको को घाटे से उबारने के लिए विशेष प्रावधान.
  • स्वास्थ्य क्षेत्र में ब्लाक लेवल पर काम किया जाएगा.
  • स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश की मांग.
  • सरकारी बैंको को 20 हजार करोड़ दिए जाएंगे.
  • एलआईसी का आईपीओ लाना एक बड़ा फैसला.

  • हमने पिछले साल जो कुछ देखा उसके चलते बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र को प्राथमिकता दी गई, जिसमें प्रयोगशालाओं की स्थापना, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी, ब्लॉक्स में क्रिटिकल केयर सेंटर की स्थापना, टेस्टिंग लैब आदि शामिल हैं.
  • बज़ट का बड़ा हिस्सा इंफ्रास्ट्रक्चर और स्वास्थ्य क्षेत्र को दिया गया है, परन्तु इसका मतलब यह नहीं है कि बज़ट में कृषि को जगह नहीं मिली. नाबार्ड के लिए आवंटन बढ़ाया गया है ताकि किसानों तक ज्यादा से ज्यादा फायदा मिले.

बजट में सभी वर्गों का रखा गया ध्यान.

  1. किसानों के जीवन में सुधार हमारा मकसद.
  2. किसान हमारी प्राथमिकता में हैं.
  3. छोटे कारोबारियों को राहत दी गई.
  4. हमने किसानों की आय बढ़ाने की कोशिश की है.
  5. सरकार किसानों के साथ चर्चा करने के लिए तैयार

कोरोना वायरस महामारी के बीच सरकार ने अगले वित्त वर्ष में स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च को दोगुना से अधिक कर दिया है. अगले वित्त वर्ष में सरकार का स्वास्थ्य क्षेत्र पर 2.2 लाख करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव है. इसके अलावा कुछ आयातित उत्पादों पर एक नया कृषि उपकर भी लगाया गया है.


वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को लोकसभा में वित्त वर्ष 2021-22 का आम बजट पेश करते हुए संकट से जूझ रही अर्थव्यवस्था को उबारने, देश में विनिर्माण गतिविधियों को प्रोत्साहन देने तथा कृषि उत्पादों के बाजार की मजबूती के उपायों की घोषणा की.

पेट्रोल डीजल पर लगा सेस

वित्त मंत्री ने पेट्रोल पर 2.5 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 4 रुपये प्रति लीटर का उपकर लगाने की भी घोषणा की है. लेकिन उपभोक्ताओं को इस उपकर के बोझ से बचाने के लिए इसी अनुपात में उत्पाद शुल्क में कटौती का भी फैसला किया है.

इसके अलावा एक साल में 50 लाख रुपये से अधिक का सामान खरीदने पर 0.1 प्रतिशत का टीडीएस (स्रोत पर कर कटौती) लगाया जाएगा. इस कटौती की जिम्मेदारी उस व्यक्ति पर होगी जिसका कारोबार 10 करोड़ रुपये से अधिक होगा.

सिनियर सिटिजेन को बजट में राहत

सरकार ने 75 साल से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को आयकर रिटर्न दाखिल करने से राहत भी दी है. 75 साल से अधिक उम्र के ऐसे लोग जिनकी आमदनी का स्रोत सिर्फ पेंशन और ब्याज आय है, उन्हें आयकर रिटर्न भरने की जरूरत नहीं होगी.

किफायती आवास

सस्ते मकानों की खरीद को प्रोत्साहन देने के लिए वित्त मंत्री ने आवास ऋण के भुगतान पर 1.5 लाख रुपये की अतिरिक्त कटौती का दावा करने की अवधि को एक साल बढ़ाकर 31 मार्च, 2022 कर दिया है.

इसके अलावा प्रवासी भारतीयों (एनआरआई) को विदेशी सेवानिवृत्ति लाभ से होने वाली आय पर कराधान में अंतर के संदर्भ में राहत देते हुए सामंजस्य वाले नए नियमों को अधिसूचित करने की घोषणा की है.

बीमा क्षेत्र में बढ़ा एफडीआई

साथ ही बीमा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की सीमा को 49 से बढ़ाकर 74 प्रतिशत करने का प्रस्ताव किया गया है.

सरकार ने करदाताओं को राहत देते हुए कहा है कि लाभांश आय पर अग्रिम कर देनदारी लाभांश की घोषणा/भुगतान के बाद ही बनेगी.

स्टार्टअप को बढ़ावा

इसके साथ ही स्टार्ट-अप के लिए कर अवकाश या छूट को एक साल बढ़ाकर 31 मार्च, 2022 तक कर दिया गया है.

बजट में आयकर के पुन: आकलन के लिये तीन साल कर दिया गया है. अब तक छह साल पुराने मामलों को दुबारा खोला जा सकता था. पर यदि किसी साल में 50 लाख रुपये या इससे अधिक की अघोषित आय के सबूत मिलते हैं, तो उस मामले में 10 साल तक तक भी पुन: आकलन किया जा सकता है.

6.8 फीसदी रह सकता है राजकोषीय घाटा

वित्तमंत्री ने लोकसभा में बजट संबोधन में कहा कि अगले वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 6.8 प्रतिशत के बराबर रह सकता है. चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटा 3.5 प्रतिशत के लक्ष्य की तुलना में 9.5 प्रतिशत पर पहुंच जाने का अनुमान है.

स्वास्थ्य खर्च पर ध्यान

बजट में स्वास्थ्य पर जीडीपी के एक प्रतिशत के बराबर खर्च करने का प्रस्ताव किया गया है. उन्होंने कोरोना वायरस महामारी की रोकथाम के लिये टीकाकरण अभियान के वित्तपोषण तथा देश में स्वास्थ्य प्रणाली को बेहतर बनाने पर 2.23 लाख करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव किया. सरकार चालू वित्त वर्ष में स्वास्थ्य क्षेत्र पर 94,452 करोड़ रुपये खर्च करने वाली है.

सीतारमण ने कहा, 'इस बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र पर खर्च को काफी बढ़ाया गया है.'

उद्योगों को प्रोत्साहन

बजट में सूती, रेशम, मक्का छिलका, चुनिंदा रत्नों व आभूषणों, वाहनों के विशिष्ट कल-पुर्जों, स्क्रू व नट आदि पर सीमा शुल्क बढ़ाये गये हैं. इलेक्ट्रॉनिक क्षेत्र में मूल्य वर्धन को बढ़ावा देने के लिये प्रिंटेड सर्किट बोर्ड एसेंबली, वायर व केबल, सोलर इनवर्टर और सोलर लैंप पर भी सीमा शुल्क बढ़ाये गये हैं.

नेफ्था, लौह व इस्पात कबाड़, विमानों के कल-पुर्जे तथा सोना-चांदी पर सीमा शुल्क कम किया गया है.

वित्त मंत्री ने गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (एनपीए) के बोझ से दबे तथा देश की आर्थिक वृद्धि को नीचे खींच रहे सरकारी बैंकों के पुनर्पूंजीकरण के लिये 20 हजार करोड़ रुपये आवंटित किये.

बजट में जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) समेत सार्वजनिक उपक्रमों के शेयरों की बिक्री और निजीकरण के जरिए अगले वित्त वर्ष में 1.75 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा गया है.

बजट में कपास से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स तक विभिन्न उत्पादों पर आयात शुल्क भी बढ़ाने की घोषणा की.

अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री ने सेवानिवृत्ति कोष (भविष्य निधि कोष) पर कर-मुक्त ब्याज की सीमा को वार्षिक 2.5 लाख रुपये तक सीमित कर दिया है. हालांकि, अवकाश यात्रा रियायत (एलटीसी) पर कर छूट देने की घोषणा की है बशर्ते व्यक्ति निर्धारित प्रकार खर्च के यात्रा खर्च किए हों.

सर्राफा, शराब, कोयला और सेब से लेकर दाल तक कृषि उत्पादों पर मंगलवार यानी कल से सीमा शुल्क पर एक नया कृषि संरचना एवं विकास उपकर लगाया जाएगा.

हालांकि, उपभोक्ताओं पर बोझ को कम करने के लिए इन उत्पादों पर सीमा शुल्क या आयात शुल्क घटाया गया है.


 डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा

डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए 1,500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, ये पैसे एक स्कीम पर खर्च किए जाएंगे, जिसमें डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय इंसेंटिव दिया जाएगा.

छोटे करदाताओं के सामधान के लिए समिति का गठन. इसके तहत 50 लाख रुपये तक की कर योग्य आय वाले और 10 लाख रुपये तक की विवादित आय वाले लोग समिति के पास जा सकते हैं.

प्रवासी मजदूरों के लिए पोर्टल

असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों और प्रवासी मजदूरों के लिए पोर्टल लॉन्च किया जाएगा. इस पर बिल्डिंग और कंस्ट्रक्टर ​श्रमिकों और अन्य श्रमिकों के बारे में जरूरी जान​कारियां इकट्ठी की जाएंगी

माइक्रो इरिगेशन फंड हुआ दोगुना

ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर फंड को 30,000 करोड़ से बढ़ाकर 40,000 करोड़ किया जा रहा है. माइक्रो इरिगेशन फंड को 5,000 करोड़ से बढ़ाकर दोगुना करने का प्रस्ताव है


मोबाइल उपकरण पर कस्टम ड्यूटी

मोबाइल उपकरण पर कस्टम ड्यूटी को बढ़ा दिया गया है,  हालांकि, कॉपर और स्टील में ड्यूटी को घटाया गया है. 

एनआरआई लोगों को डबल टैक्स सिस्टम से छूट दी जा रही है. इसके अलावा स्टार्ट अप को जो टैक्स देने में शुरुआती छूट दी गई थी, उसे अब 31 मार्च, 2022 तक बढ़ा दिया गया है.  


75 साल से अधिक लोगों को आयकर में छूट

75 साल और उससे अधिक उम्र के लोगों का टैक्स कम किया गया है. उन्हें आयकर रिटर्न दाखिल करने में छूट दी जाएगी.

वित्तमंत्री ने संसद में कहा कि मैंने परियोजनाओं, कार्यक्रमों, विभागों के लिए प्रदान किए जाने वाले आर्थिक कार्य विभाग के बजट शीर्ष में 44 हजार करोड़ रुपए से अधिक राशि रखी है.  इस व्यय के अतिरिक्त हम राज्यों और स्वायत्त निकायों को उनके पूंजीगत व्यय के लिए 2 लाख करोड़ रुपए से अधिक की राशि भी प्रदान करेंगे.

वित्त मंत्री ने बताया कि अनुसूचित जाति के 4 करोड़ विद्यार्थियों के लिए 35 हजार करोड़ रुपये का ऐलान किया गया. इसी क्षेत्र में संयुक्त अरब अमीरात के साथ मिलकर स्किल ट्रेनिंग पर काम किया जा रहा है, जिससे लोगों को काम मिल सके. इसी में भारत और जापान मिलकर भी एक प्रोजेक्ट को चला रहे हैं.


100 नए सैनिक स्कूल बनाए जाएंगे

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऐलान किया कि देश में करीब 100 नए सैनिक स्कूल बनाए जाएंगे. लेह में केंद्रीय यूनिवर्सिटी बनाए जाने का ऐलान किया गया है.  


जम्मू कश्मीर में गैस पाइप लाइन परियोजना

केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में एक गैस पाइप लाइन परियोजना शुरू की जाएगी और एक स्वतंत्र गैस ट्रांसपोर्ट सिस्टम ऑपरेटर का गठन किया जाएगा.


राजकोषीय घाटा जीडीपी का 6.8 प्रतिशत रहने का अनुमान

2020-21 में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 9.5 फीसदी निर्धारित किया गया है. 2021-22 में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 6.8 प्रतिशत रहने का अनुमान है. 2025-26 तक राजकोषीय घाटा जीडीपी का 4.5 प्रतिशत लाने का लक्ष्य है.


रिसाइंकिलिंग कैपेसिटी को दो गुना किया जाएगा

यूरोप और जापान से और अधिक जहाजों को भारत लाने के प्रयास किए जाएंगे. रिसाइंकिलिंग कैपेसिटी जो लगभग 4.5 मिलियन लाइट डिस्प्लेसमेंट टन है उसे 2024 तक दो गुना किया जाएगा. इससे हमारे युवाओं के लिए 1.5 लाख अधिक नौकरियां पैदा होने का अनुमान है.


टैक्सटाईल पार्क किए जाएंगे स्थापित

कपड़ा अद्योग को वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी बनने के लिए पीएलआई योजना के अतिरिक्त मेगा निवेश टेक्सटाइल्स पार्क योजना लॉन्च किया जाएगा. 3 वर्षों की अवधि में 7 टैक्सटाईल पार्क स्थापित किए जाएंगे.


ऊर्जा क्षेत्र में बनाया जाएगा फ्रेमवर्क

ऊर्जा क्षेत्र में एक फ्रेमवर्क तैयार किया जाएगा, जिसमें उपभोक्ताओं को एक से ज्यादा आपूर्तिकर्ता कंपनी में से चुनने का विकल्प दिया जाएगा. वर्ष 2021-22 में एक हाइड्रोजन एनर्जी मिशन शुरू करने का प्रस्ताव किया गया है, जिसके तहत ग्रीन पावर स्रोतों से हाइड्रोजन को पैदा किया जा सकेगा.

गेहूं के लिए किसानों को 75,060 और दालों के लिए 10,503 करोड़ का भुगतान. धान की भुगतान राशि 1,72,752 करोड़ होने का अनुमान. कृषि उत्पादों में 22 और उत्पादों को शामिल किया जाएगा.


FDI बढ़ाकर 74 प्रतिशत करने का प्रावधान

उज्जवला स्कीम में एक करोड़ और लाभार्थी शामिल होंगे. बीमा कंपनियों में FDI को 49 फीसदी से बढ़ाकर 74 प्रतिशत करने का प्रावधान किया गया है.

रेलवे के लिए रेल योजना 2030 तैयार है. रेलवे के लिए रिकॉर्ड 1,10,055 करोड़ का प्रावधान है. सड़क परिवहन मंत्रालय के लिए 1,18,101 करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान है.

11:50 February 01

वैक्सीन के लिए 35,000 करोड़ रुपये प्रदान किए

मैंने इस वर्ष 2021-22 में  कोविड 19 वैक्सीन के लिए 35,000 करोड़ रुपये मुहैया करवाए. यदि आवश्यक हो तो मैं आगे धन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हूं. वर्ष 2021-22 में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण पर 2,23,846 करोड़ खर्च होंगे.

भारत में बनी न्यूमोकोकल वैक्सीन अभी सिर्फ 5 राज्यों तक सीमित है, इसे पूरे देश में लागू किया जाएगा. इससे वर्ष में 50,000 से ज़्यादा बच्चों की मौत को रोका जा सकेगा.

MSP बढ़ाकर उत्पादन लागत का 1.5 गुना किया गया है. सरकार किसानों की भलाई के लिए प्रतिबद्ध है.

किसानों की भलाई के लिए प्रतिबद्ध 



 



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