- लखनऊ में वीर सावरकर की पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान भाजपा नेता अपर्णा यादव को भारी विरोध का सामना करना पड़ा।
- जैसे ही अपर्णा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लिया, सभागार में मौजूद लोगों ने हूटिंग शुरू कर दी और UGC नियमों को लेकर नाराजगी जताई।
- इसी कार्यक्रम में पूर्व सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने गांधीजी पर हमला बोलते हुए कहा कि देश का बंटवारा करने वाला व्यक्ति 'राष्ट्रपिता' नहीं हो सकता।
- साध्वी प्रज्ञा ने पुराने दिनों को याद करते हुए आरोप लगाया कि ATS ने उन्हें 13 दिनों तक अवैध रूप से बंधक बनाकर प्रताड़ित किया था।
मुख्य खबर (विस्तार से):
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) सभागार में आयोजित एक कार्यक्रम में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब भाजपा नेता और राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव का विरोध शुरू हो गया। अपर्णा वीर सावरकर की पुण्यतिथि पर पुष्पांजलि कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं।
मोदी का नाम लेते ही शुरू हुई हूटिंग:
अपर्णा यादव जब राष्ट्रवाद और महिला सशक्तिकरण पर बोल रही थीं, उसी दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र किया। नाम सुनते ही वहां मौजूद लोगों ने शोर मचाना और हूटिंग करना शुरू कर दिया। लोगों का आरोप था कि केंद्र सरकार के UGC नियमों से समाज में बंटवारा हो रहा है। हालांकि, अपर्णा ने स्थिति को संभालते हुए अपना भाषण जारी रखा और सावरकर को 'भारत रत्न' देने की मांग की।
साध्वी प्रज्ञा ठाकुर का तीखा हमला:
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं पूर्व सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने अपने संबोधन में महात्मा गांधी पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा, "जो व्यक्ति देश का बंटवारा करे, वह राष्ट्रपिता नहीं हो सकता।" साथ ही उन्होंने अपनी जेल यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें 13 दिनों तक एटीएस (ATS) ने प्रताड़ित किया और कुछ बड़े नेताओं के नाम लेने का दबाव बनाया गया।
अपर्णा यादव ने इस दौरान समाजवादी पार्टी छोड़ने के फैसले को सही ठहराते हुए कहा कि उन्होंने परिवारवाद के खिलाफ राष्ट्रवाद को चुना है।



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