कानपुर: 5 महीने बाद 'जिंदा' हुआ मुर्दा! अस्पताल की बड़ी लापरवाही ने युवक को कागजों में मार डाला, अब CMO के दखल पर मिली नई जिंदगी - NINE ONE TIMES

निर्भीक आवाज़, निष्पक्ष खबर

Breaking

26/02/2026

कानपुर: 5 महीने बाद 'जिंदा' हुआ मुर्दा! अस्पताल की बड़ी लापरवाही ने युवक को कागजों में मार डाला, अब CMO के दखल पर मिली नई जिंदगी

NINE ONE TIMES


  • ​कानपुर के मुरारी लाल चेस्ट अस्पताल ने एक जीवित युवक का डेथ सर्टिफिकेट जारी कर उसे सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया था।

कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे सुनकर आप दंग रह जाएंगे। यहां एक समाजसेवक गौरव साहू, जो लावारिस लाशों का अंतिम संस्कार करते हैं, खुद ही सरकारी सिस्टम की लापरवाही के शिकार हो गए। मुरारी लाल चेस्ट अस्पताल ने गौरव को जिंदा रहते हुए भी 'मुर्दा' घोषित कर दिया और उनका मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate) जारी कर दिया।

कैसे हुई ये बड़ी चूक?

दरअसल, 7 सितंबर को गौरव ने एक लावारिस मरीज को अस्पताल में भर्ती कराया था। 12 सितंबर को उस मरीज की मौत हो गई। पैरोकारी के दौरान गौरव ने अपना आधार कार्ड लगाया था, जिसे डॉक्टरों या कंप्यूटर ऑपरेटर की गलती से मृतक के आधार के रूप में दर्ज कर दिया गया। नतीजा यह हुआ कि गौरव का आधार कार्ड 'इनवैलिड' हो गया और सिस्टम में उन्हें मृत मान लिया गया।

राशन की दुकान पर खुला राज:

गौरव को इस बात का अहसास तब हुआ जब वे जनवरी 2026 में राशन लेने पहुंचे। वहां पता चला कि उनका नाम कट चुका है। जब बैंक गए तो खाता ब्लॉक मिला और पैन कार्ड से लेकर ड्राइविंग लाइसेंस तक सब रिजेक्ट हो गए। जांच करने पर पता चला कि कागजों में वे 5 महीने पहले ही मर चुके हैं।

CMO के दखल के बाद सुधरी गलती:

अस्पताल प्रशासन ने शुरुआत में मदद करने से इनकार कर दिया, जिसके बाद गौरव ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) को शिकायती पत्र दिया। मीडिया और प्रशासन के दबाव के बाद, अब उनका डेथ सर्टिफिकेट कैंसिल किया गया है और BSNL ऑफिस में बायोमेट्रिक अपडेट के जरिए उन्हें फिर से जीवित दर्ज किया गया है।

दोषी ऑपरेटर पर गिरी गाज:

GSVM मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. संजय काला ने मामले को गंभीरता से लेते हुए डेथ सर्टिफिकेट जारी करने वाले आउटसोर्सिंग कर्मचारी पीयूष को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। हालांकि, गौरव के लिए अब चुनौती अपने अन्य सभी दस्तावेजों (PAN, DL, राशन कार्ड) को फिर से बहाल कराने की है।


No comments:

Post a Comment

Featured Post

लखनऊ अग्निकांड में साजिश की बू! बेघर महिलाओं का बड़ा आरोप— "हादसा नहीं, साजिश थी यह आग; खाली कराने के लिए जानबूझकर लगाई गई"

NINE ONE TIMES झूठ फैला रहा मीडिया? झोपड़पट्टी की महिलाओं ने 'सिलेंडर ब्लास्ट' की थ्योरी को नकारा; कहा— "आग लगने के बाद फटे सिल...

खबर को दोस्तों के साथ शेयर करें:

Post Bottom Ad

Responsive Ads Here

Pages