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24/02/2026

कानपुर: अधिवक्ता अखिलेश दुबे को सुप्रीम कोर्ट से मिली बड़ी राहत, जमानत मंजूर

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कानपुर। शहर के चर्चित अधिवक्ता अखिलेश दुबे को बड़ी राहत मिली है। पाक्सो के फर्जी मुकदमों में फंसाने और रंगदारी जैसे गंभीर आरोपों में जेल में बंद अखिलेश दुबे की जमानत याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है।

क्या है पूरा मामला?

​मामले की शुरुआत भाजपा नेता रवि सतीजा की शिकायत से हुई थी। सतीजा ने बर्रा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि अखिलेश दुबे ने 'डेरे वाली लड़कियों' के माध्यम से उन्हें पाक्सो (POCSO) के झूठे मुकदमों में फंसाने की साजिश रची थी। इसी मामले में पुलिस ने अखिलेश दुबे को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।

लगे थे रंगदारी और साजिश के आरोप

​भाजपा नेता के अलावा, सुरेश पाल, शैलेंद्र कुमार और संदीप शुक्ला ने भी अधिवक्ता के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए रंगदारी और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज कराए थे। जांच के दौरान होटल कारोबारी प्रज्ञा त्रिवेदी द्वारा दाखिल एक प्रोटेस्ट याचिका पर हुई अग्रिम विवेचना में भी अखिलेश दुबे का नाम सामने आया था, जिसमें पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की थी।

सेशन और हाईकोर्ट के बाद सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत

​कानूनी प्रक्रिया के दौरान अखिलेश दुबे को शैलेंद्र कुमार और संदीप शुक्ला द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमों में पहले ही सेशन कोर्ट से जमानत मिल चुकी थी। हालांकि, मुख्य मामला यानी रवि सतीजा के मुकदमे में हाईकोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद अखिलेश दुबे के वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जहाँ से अब उन्हें जमानत मिल गई है।

​इस फैसले के बाद अधिवक्ता अखिलेश दुबे के समर्थकों में खुशी की लहर है, वहीं विपक्षी खेमे के लिए इसे एक बड़ा कानूनी झटका माना जा रहा है।


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