*एनकाउंटर के नाम पर दरोगा ने व्यापारी से मांगे 5 लाख, पीड़ित ने लगाया आरोप
कानपुर नगर - शहर के दक्षिण क्षेत्र से एक खाकी वर्दी धारी दरोगा ने अपने साथियों के साथ संचेडी थाना क्षेत्र से एक व्यापारी को अगवा कर लिया। इसके बाद उससे 5 लाख रुपए मांगे। नहीं देने पर धमकाते हुए कहा-'अगर पैसे नही दोगे, तो तुम्हारा एम.पी मे एनकाउंटर कर दूंगा।' जिसके बाद पीड़ित व्यापारी को दरोगा ने होटल मे बंद करके जमकर पीटा और अपनी ही गाड़ी मे शहर मे घूमाता रहा। इसके बाद व्यापारी ने अपनी पत्नी से ₹300000 मंगवा कर दरोगा को दिए। जिसके बाद खाकी वर्दी दरोगा ने व्यापारी को छोड़ दिया। वहीं इस पूरे मामले की पीड़ित व्यापारी ने पुलिस के आलाधिकारियों से शिकायत की है। जिसमे आरोपी दरोगा जांच के बाद दोषी पाया गया है।
बता दें कि पूरा मामला कानपुर के सचेंडी थाना क्षेत्र इलाके का है जहां सचेंडी के सिद्धपुर सीढ़ी निवासी दुकानदार राम बहादुर ने बताया कि बीती 2 जुलाई को दरोगा ने पांच लोगों के साथ मेरी दुकान मे छापा मारा था। पहले दो लोग कार से उतरकर सिगरेट लेने आए थे। हमने कहा कि हमारी दुकान पर सिगरेट नही है। इसके आधे घंटे बाद वह लोग वापस आए और खुद को एम.पी क्राइम ब्रांच बता पांच लोग काली गाड़ी से मुझे अगवा कर किदवई नगर के एक होटल लेकर आए थे। जहां रातभर मुझे पीटा गया। इसके बाद छोड़ने के लिए पांच लाख रुपए की डिमांड रखी गई फिर अगले दिन सुबह किदवई नगर चौकी ले जाया गया। जहां फिर से मारपीट कर पैसे मंगवाने का दबाव बनाया गया।जिसके बाद व्यापारी ने अपनी पत्नी से पैसे मंगवाए। बार बार हाथ-पैर जोड़ने के बाद दरोगा जी 3 लाख मे राजी हो गए। इसके बाद उसे बर्रा बाइपास होते हुए पनकी, गंगा बैराज घुमाते हुए वापस उसी होटल पर लाया गया। जहां उसी रात पीड़ित की पत्नी, साला और मौसा रुपये लेकर पहुंचे। इस पर पीड़ित के मौसा को साकेत नगर के पराग दूध डेयरी के सामने बुलाया गया और कार मे बैठाकर रुपये लिए गए। इसके बाद कुछ आगे जाने के बाद दोनों को उतार दिया गया।
वहीं पीड़ित का कहना है कि जब मै दरोगा जी के चंगुल से बचकर घर पहुंचा तो परिवार मे बात करने के बाद इस पूरे मामले की शिकायत पुलिस के आलाधिकारियों से करने का निर्णय लिया और सीधे सचेंडी थाने मे जा पहुंचा और अपने साथ हुई पूरी घटना की जानकारी संचेडी पुलिस को दी एवं साथ ही इस पूरे मामले से पुलिस के lआलाधिकारियों को भी अवगत कराया गया।
वहीं इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए एडिशनल सीपी लॉ एंड ऑर्डर आशुतोष कुमार ने बताया कि प्राथमिक जांच पनकी ए.सी.पी. शिखर को सौंपी गई है। जिसके बाद उन्होने इस पूरे मामले की निष्पक्षता से जांच की साथ ही पीड़ित के बताए हुए घटनास्थलों पर जाकर मौका मुआयना किया और सीसीटीवी कैमरा को भी चेक किया गया। उन्होंने बताया कि जांच रिपोर्ट अभी उन्हें नही मिली है मगर ए.सी.पी. से बात करने पर जानकारी मिली है कि इस मामले मे किदवई नगर थाने के दरोगा की भूमिका संदिग्ध मिली है। जांच रिपोर्ट मिलते ही आरोपी दरोगा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करके जेल भेजने की कार्यवाही की जाएगी। इसके साथ ही विभागीय कार्यवाही और सस्पेंड भी किया जाएगा।


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