भ्रष्टाचार, करोड़ों की कोठी और बजट में भेदभाव के संगीन आरोप; पार्षद दल के नेता नवीन पंडित को बताया 'सब्जी लाने वाला चाटुकार', FIR दर्ज कराने की चेतावनी से हड़कंप
पॉलिटिकल अपडेट
विवाद के मुख्य बिंदु:
- ईस्ट इंडिया कंपनी से तुलना: पार्षदों का आरोप— मेयर का बेटा अमेरिका से आकर शहर को वित्तीय रूप से लूट रहा है।
- अवैध दखल: नगर निगम के समस्त प्रशासनिक व 15वें वित्त आयोग के बजट कार्यों में मेयर पुत्र 'बंटी' का सीधा हस्तक्षेप।
- करोड़ों के बंगले पर सवाल: बागी पार्षदों ने मेयर की बन रही करोड़ों की नई कोठी की आय के स्रोतों पर उठाए गंभीर सवाल।
- FIR की चेतावनी: महिला पार्षद लक्ष्मी कोरी का एलान— चरित्र हनन के खिलाफ नेता सदन नवीन पंडित पर दर्ज कराएंगी मुकदमा।
- पीएम-सीएम तक शिकायत: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लिखित शिकायत के बाद अब पीएम मोदी के कानपुर दौरे पर ज्ञापन सौंपने की तैयारी।
पॉलिटिकल अपडेट विवाद के मुख्य बिंदु:
- ईस्ट इंडिया कंपनी से तुलना: पार्षदों का आरोप— मेयर का बेटा अमेरिका से आकर शहर को वित्तीय रूप से लूट रहा है।
- अवैध दखल: नगर निगम के समस्त प्रशासनिक व 15वें वित्त आयोग के बजट कार्यों में मेयर पुत्र 'बंटी' का सीधा हस्तक्षेप।
- करोड़ों के बंगले पर सवाल: बागी पार्षदों ने मेयर की बन रही करोड़ों की नई कोठी की आय के स्रोतों पर उठाए गंभीर सवाल।
- FIR की चेतावनी: महिला पार्षद लक्ष्मी कोरी का एलान— चरित्र हनन के खिलाफ नेता सदन नवीन पंडित पर दर्ज कराएंगी मुकदमा।
- पीएम-सीएम तक शिकायत: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लिखित शिकायत के बाद अब पीएम मोदी के कानपुर दौरे पर ज्ञापन सौंपने की तैयारी।
कानपुर। औद्योगिक नगरी कानपुर की सियासत में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान अब एक बेहद आक्रामक और खुली जंग में तब्दील हो चुकी है। मेयर प्रमिला पांडेय के खिलाफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिकायत, छह बागी भाजपा पार्षदों के निष्कासन की मांग और 75 पार्षदों द्वारा सामूहिक इस्तीफे की कथित धमकी के बीच नगर निगम का राजनीतिक माहौल पूरी तरह गर्मा गया है। इस पूरे टकराव और भ्रष्टाचार के संगीन आरोपों की जमीनी हकीकत जानने के लिए जब ग्राउंड जीरो पर बागी पार्षदों से सीधी बात की गई, तो मेयर और उनके बेटे 'बंटी' के खिलाफ आरोपों की लंबी फेहरिस्त सामने आई। बागियों का सीधा आरोप है कि मेयर का बेटा अमेरिका से आकर कानपुर को ईस्ट इंडिया कंपनी की तरह लूट रहा है।
1. पार्षद लक्ष्मी कोरी: 'नवीन पंडित पर कराऊंगी FIR, गैरजरूरी कामों में फूंक रहे करोड़ों'
वार्ड की वरिष्ठ भाजपा पार्षद लक्ष्मी कोरी ने बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा कि छह बागी पार्षदों का इस्तीफा मांगने का अधिकार किसी को नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी लड़ाई संगठन से नहीं, बल्कि मेयर प्रमिला पांडेय की तानाशाही कार्यशैली, कथित भ्रष्टाचार और विकास बजट के खुले भेदभाव को लेकर है।
लक्ष्मी कोरी ने आरोप लगाया, "सरकार से मिले 15वें वित्त आयोग के बजट का उपयोग जनता के जरूरी कामों के बजाय गैरजरूरी मदों में किया जा रहा है, जबकि हमारे वार्डों को विकास से वंचित रखा गया है। मेरे ही वार्ड में 3.50 करोड़ रुपये की लागत से एक ऐसा नाला बनवाया गया जिसकी कोई आवश्यकता ही नहीं थी। इसकी निष्पक्ष जांच हो जाए तो बड़ा घोटाला सामने आएगा।" उन्होंने पार्षद दल के नेता नवीन पंडित पर उनके चरित्र पर झूठे और निराधार लिखित आरोप लगाने का दावा करते हुए कहा कि वह जल्द ही उनके खिलाफ विधिक कानूनी कार्रवाई और FIR दर्ज कराएंगी। उन्होंने दावा किया कि उनके पास मेयर के बेटे द्वारा किए गए अवैध कब्जों के पुख्ता दस्तावेजी साक्ष्य मौजूद हैं।
2. पार्षद आलोक पांडेय: 'नवीन पंडित मौसम वैज्ञानिक हैं, मेयर के अहंकार से डूबेगी लंका'
मेयर के खिलाफ मुखर रहने वाले पार्षद आलोक पांडेय ने कहा कि उनकी यह लड़ाई सीधे तौर पर जनता के हक और धर्म की लड़ाई है। नवीन पंडित पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा, "नवीन पंडित तो खुद एक पार्षद हैं, वे हमसे इस्तीफा क्या मांगेंगे? वह सिर्फ मेयर को खुश करने में जुटे हैं। वह पुराने 'मौसम वैज्ञानिक' हैं, जो सपा से कांग्रेस और अब कांग्रेस से भाजपा में आए हैं। वह नगर निगम चुनाव के आखिरी छह महीनों में मेयर के साथ भी नहीं रहेंगे।" आलोक पांडेय ने आरोप लगाया कि मेयर प्रमिला पांडेय के अत्यधिक "अहंकार" के कारण ही इस विवाद का कोई समाधान नहीं निकल पा रहा है। यदि मेयर खुद नगर निगम की कमान संभालतीं तो शायद यह नौबत न आती, लेकिन वर्तमान में नगर निगम के समस्त प्रशासनिक और वित्तीय कामकाज में मेयर के बेटे का हस्तक्षेप चरम पर पहुँच चुका है। 15वें वित्त आयोग के बजट आवंटन में छह भाजपा पार्षदों के वार्डों के साथ जानबूझकर सौतेला व्यवहार किया गया है।
3. पार्षद पवन गुप्ता: 'भिखारी भी योगी जी से मिल सकता है, मोदी जी से करूंगा शिकायत'
सबसे तीखा हमला बोलते हुए पार्षद पवन गुप्ता ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मेयर और उनके बेटे बंटी के संगठित भ्रष्टाचार का पूरा कच्चा चिट्ठा सौंप दिया है। उन्होंने आरोप लगाया, "इन लोगों ने कानपुर नगर को 'कानपुर नरक' में तब्दील कर दिया है। जब हम सदन में जनता के लिए सीवर लाइन की मांग उठाते हैं, तो हिटलरशाही रवैया अपनाते हुए हमें निष्कासित कर दिया जाता है। जिस बस्ती की जमीन पर सीवर लाइन पड़नी थी, उस कीमती जमीन पर मेयर के बेटे की नजर है और वह उसे हथियाना चाहते हैं।"
पवन गुप्ता ने आगे कहा कि मेयर का बेटा ईस्ट इंडिया कंपनी की तर्ज पर केवल कानपुर को नोंचने-लूटने के लिए अमेरिका से भारत आया है और पूरा खजाना समेटकर वह वापस अमेरिका भाग जाएगा। उन्होंने पार्षद दल के नेता को 'मेयर के घर की सब्जी लाने वाला चाटुकार' बताते हुए कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब कानपुर आएंगे, तो वे व्यक्तिगत रूप से मिलकर उन्हें इस पूरे भ्रष्टाचार का लिखित ज्ञापन सौंपेंगे।
4. पार्षद हरिस्वरूप तिवारी: 'सीवर के पानी से जा रहे श्रद्धालु, मां बारादेवी के परिसर के लिए छुए पैर'
पार्षद हरिस्वरूप तिवारी ने कहा कि वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की अंतर्निहित विचारधारा से निकलकर राजनीति में आए हैं और देश के प्रधानमंत्री के 'ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा' के सिद्धांत के पक्के सिपाही हैं। उन्होंने अत्यंत भावुक होते हुए कहा, "1600 साल पुरानी सिद्ध पीठ मां बारादेवी मंदिर के परिक्षेत्र में सीवर लाइन डलवाने के लिए मैंने खुद मेयर प्रमिला पांडेय के पैर छुए थे। श्रद्धालु सीवर के बहते गंदे पानी से होकर मंदिर जाने को मजबूर हैं, लेकिन मेयर ने मेरी एक न सुनी। जब केंद्र, राज्य और नगर निगम तीनों जगह भाजपा की सरकार है, तब भी हमारे प्रस्तावों को ताक पर रख दिया गया।"
5. पार्षद विकास जायसवाल: 'करोड़ों की कोठी बन रही, जनता की गाढ़ी कमाई लूटने नहीं देंगे
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बगावत के पांचवें स्तंभ विकास जायसवाल ने मेयर की वित्तीय संपत्तियों पर सीधा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया, "इस समय मेयर की करोड़ों रुपये की आलीशान कोठी बनकर तैयार हो रही है। हम जिला प्रशासन और शासन से पूछना चाहते हैं कि आखिर इस बंगले को बनाने के लिए करोड़ों रुपये का काला धन कहाँ से आ रहा है? कानपुर की जनता की गाढ़ी कमाई को नोंच-घसोटकर बंगले बनवाए जा रहे हैं, जिसे हम किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे।" विकास जायसवाल ने दावा किया कि मेयर ने अनैतिक रूप से अपने बेटे को 15वें वित्त आयोग के बजट आवंटन और 'पार्षद वेलफेयर एसोसिएशन' में हस्तक्षेप का पूरा अधिकार दे रखा है। इस मामले की विस्तृत जांच रिपोर्ट शासन को भेजी जा चुकी है और संगठन जल्द ही इस पर बड़ा दंडात्मक एक्शन लेने वाला है।








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