320 करोड़ की लागत से बनेगा 4-लेन पुल; व्यापारियों की मांग- 'डिजाइन बदलो, वरना ठप हो जाएगा कारोबार', 2028 तक पूरा होगा काम
तथ्य और आंकड़े
प्रोजेक्ट की बड़ी बातें:
- बजट और समय: 320 करोड़ की लागत, दिसंबर 2028 तक निर्माण पूरा करने का लक्ष्य।
- व्यापारियों का विरोध: डिजाइन बदलने की मांग को लेकर 250 दुकानों का बाजार रहा बंद।
- पुल का ढांचा: कुल 4 रैंप बनेंगे— जीटी रोड, कालपी रोड और घंटाघर को मिलेगी कनेक्टिविटी।
- सर्वधर्म प्रार्थना: भूमि पूजन मंच पर हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई धर्मगुरुओं ने की शहर की खुशहाली की कामना।
- ट्रैफिक डायवर्जन: निर्माण के दौरान फजलगंज और गोल चौराहे से आने वाले वाहनों के लिए रूट बदला गया।
तथ्य और आंकड़े प्रोजेक्ट की बड़ी बातें:
- बजट और समय: 320 करोड़ की लागत, दिसंबर 2028 तक निर्माण पूरा करने का लक्ष्य।
- व्यापारियों का विरोध: डिजाइन बदलने की मांग को लेकर 250 दुकानों का बाजार रहा बंद।
- पुल का ढांचा: कुल 4 रैंप बनेंगे— जीटी रोड, कालपी रोड और घंटाघर को मिलेगी कनेक्टिविटी।
- सर्वधर्म प्रार्थना: भूमि पूजन मंच पर हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई धर्मगुरुओं ने की शहर की खुशहाली की कामना।
- ट्रैफिक डायवर्जन: निर्माण के दौरान फजलगंज और गोल चौराहे से आने वाले वाहनों के लिए रूट बदला गया।
कानपुर। शहर की सबसे व्यस्त और पुरानी समस्याओं में से एक, जरीब चौकी रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज (ROB) के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। शुक्रवार को कानपुर के सांसद रमेश अवस्थी ने मंत्रोच्चार और सर्वधर्म प्रार्थना के बीच इस बहुप्रतीक्षित परियोजना का भूमि पूजन किया। हालांकि, एक ओर जहाँ प्रशासन इसे शहर के विकास के लिए मील का पत्थर बता रहा है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय व्यापारियों ने पुल की 'नई डिजाइन' के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। विरोध स्वरूप जरीब चौकी व्यापार मंडल के आह्वान पर करीब 250 दुकानों के शटर गिरे रहे और व्यापारियों ने पुल की डिजाइन को पुराने नक्शे के अनुसार बदलने की मांग की।
विकास बनाम व्यापार: व्यापारियों का दर्द और मांग
जरीब चौकी उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजय मिश्रा और सदस्य अरुण पांडेय के नेतृत्व में व्यापारियों ने शांतिपूर्ण तरीके से बाजार बंद रखकर अपना विरोध दर्ज कराया। व्यापारियों का कहना है कि वे विकास या पुल बनने के विरोधी नहीं हैं, लेकिन वर्तमान डिजाइन उनके अस्तित्व के लिए खतरा है।
व्यापारियों का दावा है कि नई डिजाइन के कारण हीरागंज और जरीब चौकी बाजार की 250 से ज्यादा दुकानें सीधे तौर पर प्रभावित होंगी। पुल निर्माण के दौरान रास्ता बंद होने से ग्राहकों का आना बंद हो जाएगा, जिससे तीन साल तक उनका कारोबार पूरी तरह चौपट हो सकता है। व्यापारियों की मांग है कि पूर्व सांसद सत्यदेव पचौरी के कार्यकाल में जो डिजाइन स्वीकृत हुई थी, उसी के आधार पर निर्माण कराया जाए ताकि दुकानों का रास्ता प्रभावित न हो।
सांसद का भरोसा: 'विकास में आती हैं दिक्कतें, पर भविष्य होगा बेहतर'
भूमि पूजन के बाद जनसभा को संबोधित करते हुए सांसद रमेश अवस्थी ने कांग्रेस और पिछली सरकारों पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों में पुलों की घोषणा तो होती थी पर वे 15-15 साल तक लटके रहते थे, जबकि भाजपा सरकार जिस काम का शिलान्यास करती है, उसका लोकार्पण भी उसी कार्यकाल में करती है।
व्यापारियों के विरोध पर सांसद ने स्पष्ट किया कि अधिकारियों और मंत्रियों के साथ कई दौर की वार्ता हो चुकी है और जो भी संभव संशोधन थे, वे किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा, "जब शहर में बड़े विकास कार्य होते हैं, तो अस्थायी रूप से कुछ दिक्कतें आती हैं, लेकिन भविष्य की सुगम यातायात व्यवस्था के लिए यह अनिवार्य है। सरकार व्यापारियों के साथ है और उनके हितों का ध्यान रखा जाएगा।"
कैसा होगा नया पुल: परियोजना की मुख्य बातें
सेतु निगम के अनुसार, इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 320 करोड़ रुपये की लागत आएगी। दिसंबर 2028 तक इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
- लंबाई और लेन: 911 मीटर लंबा रेल ओवरब्रिज और करीब 1758 मीटर लंबा फ्लाईओवर तैयार होगा।
- रैंप व्यवस्था: पुल में कुल 4 रैंप होंगे। दो रैंप जीटी रोड पर, एक कालपी रोड और एक घंटाघर रोड की ओर उतरेगा।
- कनेक्टिविटी: यह पुल जीटी रोड को कालपी रोड से सीधे जोड़ेगा, जिससे घंटाघर और फजलगंज की ओर जाने वाले यातायात को बड़ी राहत मिलेगी।





No comments:
Post a Comment