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01/06/2022

समाजवादी पार्टी ने अहिल्याबाई होल्कर 297 वी जयंती के अवसर पर की विचार गोष्ठी

 



नारी शक्ति धर्म साहस वीरता न्याय प्रशासन राज्य तंत्र की अनोखी मिसाल होलकर समाज की महारानी अहिल्याबाई थी

अहिल्याबाई ने अपना पूरा जीवन गरीबों दीन दुखियों के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया -- डॉ इमरान


कानपुर - समाजवादी पार्टी कानपुर महानगर के तत्वाधान में आज भारतीय इतिहास की प्रसिद्ध शासक राजमाता अहिल्याबाई होल्कर की 297 वी जयंती के अवसर पर नगर अध्यक्ष डॉक्टर इमरान की अध्यक्षता में सपा कार्यालय 7 नवीन मार्केट में विचार गोष्ठी संपन्न हुई विचार गोष्ठी का संचालन नगर उपाध्यक्ष सुभाष द्विवेदी ने किया।


विचार गोष्ठी में नगर अध्यक्ष डॉक्टर इमरान ने अपने संगठन के पदाधिकारियों के साथ मिलकर राजमाता अहिल्याबाई होलकर के चित्र पर माल्यार्पण करके उनको अपने श्रद्धा सुमन अर्पित कर उनके जीवन पर प्रकाश डाला


इस अवसर पर डॉक्टर इमरान ने अपने संबोधन में कहा कि अहिल्याबाई होल्कर मराठा साम्राज्य की प्रसिद्ध महारानी तथा इतिहास प्रसिद्ध सूबेदार मल्हार राव होलकर के पुत्र खंडेराव की धर्मपत्नी थी उन्होंने  माहेश्वर को राजधानी बना कर शासन किया इनका जन्म 31 मई 1725 को महाराष्ट्र राज्य के अहमदनगर जिला के चौढी गांव में हुआ था। 


डॉक्टर इमरान ने आगे बताया कि नारी शक्ति महान होती है वह अपने जीवन में क्या कर सकती है इसका उदाहरण प्रसिद्ध महारानी अहिल्याबाई होलकर है  जीवन में परेशानियां कितने भी हो उनसे कैसे निपटना है या हमें अहिल्याबाई के जीवन से सीखना चाहिए हमें अपने जीवन काल मैं अहिल्याबाई होलकर ने बहुत परेशानियों का सामना किया कितनी भी विकट स्थिति रही हो उन्होंने कभी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया और ना कभी अपने जीवन में हार मानी यही वजह है कि भारत सरकार ने भी उनको सम्मानित किया भारत सरकार ने अहिल्या बाई के नाम से डाक टिकट भी जारी किया और आज अहिल्या बाई के नाम से अवार्ड भी दिया जाता है। 


डॉक्टर इमरान ने आगे बताया कि उनके पिता मांक़जी शिंदे बहुत ही विद्वान पुरुष थे उन्होंने अहिल्याबाई को हमेशा आगे बढ़ने की प्रेरणा दी उन्होंने बचपन से ही अहिल्याबाई को शिक्षा देना शुरू कर दिया था उस समय महिलाओं को शिक्षा नहीं दी जाती थी लेकिन उनके पिता ने अपनी बेटी को शिक्षा भी दी और अच्छे संस्कार भी दिए घर में पली-बढ़ी अहिल्याबाई बचपन से ही दया भाव वाली महिला थी उनका यही दया भाव और आकर्षक छवि ही उनके जीवन को इतना आकर्षक बनाती है। 


डॉक्टर इमरान ने आगे बताया कि अहिल्याबाई जब  शासन में आई उस समय राजाओं द्वारा प्रजा पर उनके द्वारा अत्याचार हुआ करते थे गरीबों को अन्न के लिए तड़पाया जाता था और भूखे प्यासे रख कर काम करवाया जाता था उस समय अहिल्याबाई ने गरीबों को अन्न देने की योजना बनाई और वह सफल भी हुई उन्होंने अपनी प्रजा के लिए मंदिर पीने के पानी के लिए कुएं तालाब अनाज देने के लिए अनाज भंडारण खुलवा कर प्रजा की सेवा करती थी प्रजा में अहिल्याबाई को लोग माता की छवि मानते थे उनके जीवनकाल में ही उन्हें देवी के रूप में पूजने लगे थे। 


गोष्ठी में नगर अध्यक्ष डॉक्टर इमरान नगर उपाध्यक्ष सुभाष त्रिवेदी हाजी शायद सैफ चिश्तिया असद सिद्दीकी हाजी यूनुस बदरे अनूप यादव रियाज बबलू अमित चौरसिया उमा देवी अजय श्रीवास्तव अर्पित त्रिवेदी अकील अहमद आलम अंसारी राकेश निषाद अंकित यादव मोहम्मद इब्राहिम सुनील यादव आदि लोग प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

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